खाटू धाम परिचय
अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026
खाटू धाम राजस्थान के शेखावाटी अंचल का वह छोटा-सा क़स्बा है जहाँ हर महीने लाखों भक्त "हारे के सहारे" बाबा श्याम के दर्शन करने आते हैं।
श्याम बाबा कौन हैं
लोक-परंपरा में खाटू श्याम जी को बर्बरीक माना जाता है — भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र। उनके पास तीन अचूक बाण थे, इसीलिए उन्हें तीन बाणधारी कहा जाता है। माँ को दिए वचन के अनुसार वे हमेशा हारने वाले पक्ष का साथ देते थे — यहीं से "हारे का सहारा" नाम पड़ा। पूरी कथा बर्बरीक की कथा में है।
जाने जाने वाले नाम
- शीश के दानी — जिसने अपना शीश दान कर दिया
- तीन बाणधारी — तीन बाण वाले
- लखदातार — लाखों को देने वाले
- मोरवीनंदन — माता अहिलावती (मौरवी/मोरवी) के पुत्र
- खाटू नरेश — खाटू के राजा
खाटू में क्या-क्या है
- मुख्य श्याम मंदिर — सफ़ेद संगमरमर की राजस्थानी शैली की इमारत
- श्याम कुंड — मान्यता है कि यहीं से शीश प्रकट हुआ, स्नान को पुण्य माना जाता है
- श्याम बगीची, गोपीनाथ मंदिर, गौरीशंकर मंदिर जैसे छोटे स्थान
- मंदिर मार्ग पर प्रसाद, फूल और पूजा सामग्री की दुकानें
कब आएँ
शांति से दर्शन चाहिए तो सोम से गुरुवार के बीच तड़के या देर शाम। शुक्ल पक्ष की एकादशी, द्वादशी और शनिवार-रविवार को भीड़ बहुत रहती है; फाल्गुन मेले के दिनों में सबसे ज़्यादा। जाने से पहले एकादशी कैलेंडर देख लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ध्यान दें: यह साइट श्री श्याम मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। समय, किराया और नियम बदलते रहते हैं — यात्रा से पहले श्री श्याम मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय सूचना से पुष्टि कर लें।