श्याम जयकारे
अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026
जयकारे भजन-मंडली और निशान यात्रा की जान हैं। नीचे प्रचलित जयकारे और उनका भाव है — इन्हें जस का तस बोला जाता है।
जय श्री श्याम
हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा
शीश के दानी की जय
तीन बाण के धारी की जय
लखदातार की जय
खाटू वाले श्याम की जय
मोरवीनंदन की जय
खाटू नरेश की जय
बोलो श्री श्याम बाबा की जय
हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा
शीश के दानी की जय
तीन बाण के धारी की जय
लखदातार की जय
खाटू वाले श्याम की जय
मोरवीनंदन की जय
खाटू नरेश की जय
बोलो श्री श्याम बाबा की जय
| जयकारा | भाव |
|---|---|
| हारे का सहारा | जो थक-हार गया उसका सहारा |
| शीश के दानी | जिसने अपना शीश दान दिया |
| तीन बाण के धारी | तीन अचूक बाण वाले |
| लखदातार | लाखों को देने वाले |
कहाँ बोलें
- मंदिर की क़तार में धीमे स्वर से — तेज़ आवाज़ आरती में बाधा बनती है।
- निशान यात्रा में सामूहिक रूप से, ध्वज ऊँचा रखकर।
- कीर्तन/जागरण की शुरुआत और समापन में।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ध्यान दें: यह साइट श्री श्याम मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। समय, किराया और नियम बदलते रहते हैं — यात्रा से पहले श्री श्याम मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय सूचना से पुष्टि कर लें।